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यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले- अब किसी प्रॉपर्टी की फर्जी रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी, CM ग्राम परिवहन योजना को भी मंजूरी

Reported By : Ruchi Kumar Edited By : Malaika Imam Published : Mar 10, 2026 02:12 pm IST, Updated : Mar 10, 2026 05:04 pm IST

उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में बेचने वाले का नाम पहले खतौनी में चेक किया जाएगा। बेचने वाला व्यक्ति मालिक है या नहीं ये चेक किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ- India TV Hindi
Image Source : PTI उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट में आज कई बड़े फैसले लिए गए। स्टांप एवं पंजीयन विभाग के मंत्री ने बताया कि अब राज्य में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री प्रक्रिया को बेहद सख्त बना दिया गया है। धोखाधड़ी रोकने के लिए अब स्टाम्प पेपर तभी जारी होगा, जब विक्रेता यह साबित कर देगा कि वह उस संपत्ति का असली मालिक है। इसके लिए रजिस्ट्री से पहले विक्रेता के नाम का मिलान 'खतौनी' (राजस्व रिकॉर्ड) से अनिवार्य रूप से किया जाएगा। पहले केवल आधार कार्ड और पहचान पत्र के आधार पर स्टाम्प मिल जाता था, लेकिन अब इस नए नियम से किसी और की जमीन बेचना नामुमकिन होगा।

सीएम ग्राम परिवहन योजना को मंजूरी

वहीं, कैबिनेट की मीटिंग में सीएम ग्राम परिवहन योजना को भी मंजूरी मिल गई। इस संबंध में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने ऐलान किया कि प्रदेश की 59,163 ग्राम सभाओं को सीधे बस सेवा से जोड़ा जाएगा। सरकार की योजना है कि यूपी के हर गांव में दिन में कम से कम दो बार बसें उपलब्ध हों, जिससे ग्रामीणों का आवागमन सुगम हो सके। इस योजना के तहत गांवों को अब ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से सीधे जोड़ा जा सकेगा। इससे ग्रामीणों को काफी फायदा होगा। उनके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए आवागमन में आसानी हो जाएगी। साथ ही, परिवहन विभाग ने ओला और उबर जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियों पर शिकंजा कसते हुए स्पष्ट किया है कि अब उन्हें उत्तर प्रदेश में अपना अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना राज्य पंजीकरण के ये कैब अब यूपी की सीमाओं में संचालित नहीं हो सकेंगी।

कर्मचारियों के लिए सख्त निवेश नियम

प्रशासनिक और सामाजिक सुधारों की जानकारी देते हुए संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए अब उन्हें हर साल अपनी अचल संपत्ति की घोषणा करनी होगी। इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी अपने 6 महीने के मूल वेतन से अधिक की राशि शेयर बाजार या अन्य किसी माध्यम में निवेश करता है, तो उसे इसकी सूचना सरकार को देना अनिवार्य होगा।

कांशीराम आवास योजना की इमारतों की रंगाई-पुताई

आवास के क्षेत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि कांशीराम आवास योजना की इमारतों की रंगाई-पुताई कराई जाएगी और ये आवास दलितों के लिए सुरक्षित रहेंगे; जो लोग अवैध रूप से इन आवासों में रह रहे हैं, उन्हें वहां से हटाया जाएगा। इसके साथ ही, अयोध्या में स्पोर्ट्स कालेज के लिए 2500 स्कॉयर मीटर जमीन दी जाएगी।

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